जून  2015

COVER - June 15

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कुलपति उवाच

हे अर्जुन, आत्मवान बन

के.एम. मुनशी

अध्यक्षीय

मन के चेतन एवं अवचेतन पक्ष

सुरेंद्रलाल जी. मेहता

पहली सीढ़ी

अधूरा स्वर्ग

टॉमस ट्रांस्ट्रोमर

आवरण-कथा

हवा में ज़हर है…

सम्पादकीय

ताकि आनेवाली पीढ़ियां शुद्ध हवा में सांस ले सकें

ए.वी. राममूर्ति

गहरी सांस लेने से पहले सोचिए

रजत कथूरिया, निकोलस स्टर्न,

सुनीता नारायण

क्या जल-प्रदूषण प्रगति का अवश्यंभावी परिणाम है?

जीवन और सभ्यता के लिए खतरनाक हो गया है जल!

भुवेंद्र त्यागी

त्रिविध समीर सुखद सब काहू

डॉ. गिरिजाशंकर त्रिवेदी

जंगल में झांककर देखा तो…

सचिन कुमार जैन

स्वयं को स्वयं से बचाना है

सोपान जोशी

नोबेल कथा

नीलामी

बोरिस पास्तरनाक

उपन्यास अंश

अज्ञातवास का हमस़फर

राजेंद्रमोहन भटनागर

शब्द यात्रा

खुशबू है हवा में उनकी

आनंद गहलोत

व्यंग्य

ग्रीन भजो, ग्रीन भजो, ग्रीन भजो भाई !  

यज्ञ शर्मा

भारत का नया मुखौटा उद्योग

गोपाल चतुर्वेदी

आलेख

जीवन से सुंदरतर जीवन

एम.टी. वासुदेवन नायर

संसद में सम्पादक

हरिवंश

दिल्ली का राज्य पक्षी – गौरैया

डॉ. परशुराम शुक्ल

अक्षर का आमंत्रण

रमेश थानवी

शाश्वत को खोजने के लिए

जे. कृष्णमूर्ति

नदिया धीरे बहो

विजय कुमार दुबे

मन और मनोरोग का तुलसी संदर्भ

डॉ. परशुराम शुक्ल ‘विरही’

किताबें

कथा

पाठशाला

तरसेम गुजराल

वापसी

श्रद्धा पाण्डेय

खेत में कविता

बल्लभ डोभाल

कविताएं

एक दिन आयेगा जब…

सिएथल

पानी

कुंवर जावेद

दो ग़ज़लें

सूर्यभानु गुप्त

समाचार

भवन समाचार

संस्कृति समाचार

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