जनवरी 2018

कुलपति उवाच  आत्म-विजय का उपदेश के.एम. मुनशी संदेश सुरेंद्रलाल जी. मेहता होमी दस्तूर पहली सीढ़ी ओ मेरे मन रवींद्रनाथ ठाकुर आवरण-कथा भारतीयता का साहित्य सम्पादकीय साहित्य में भारतीयता रमेशचंद्र शाह साहित्य में भारतीयता संस्कृति की तरह  रमेश दवे भारतीय चिंतन…

फरवरी 2018

कुलपति उवाच  राष्ट्र-शक्ति का मूल के.एम. मुनशी अध्यक्षीय शक्ति की आराधना सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी घर अज्ञेय आवरण-कथा विज्ञान और आध्यात्मिकता सम्पादकीय ताकि मानव-सभ्यता नष्ट न हो मुरली मनोहर जोशी विज्ञान और आध्यात्मिकता एक अनोखा और बेमिसाल संगम पंकज…

मार्च 2018

कुलपति उवाच  युद्ध के रूप के.एम. मुनशी अध्यक्षीय जो बाहर दिखता है वह हमारे  अंतर की ही प्रतिध्वनि है सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी कबूतरों पर सवार नीला आकाश विन्सेन्त यूदोबारो आवरण-कथा स्वयंसिद्धा सम्पादकीय स्त्री को बैसाखी की ज़रूरत नहीं…

अक्टूबर 2018

0 कुलपति उवाच  स्वप्नद्रष्टा के.एम. मुनशी अध्यक्षीय आत्म-अवधारणा के तीन पहलू सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी मेरे नदीम मेरे हमसफर साहिर लुधियानवी आवरण-कथा मेरा, तेरा उसका गांधी सम्पादकीय गांधी मानवता का मानदंड हैं न्यायमूर्ति चंद्रशेखर धर्माधिकारी गुस्सा बहुत है गांधी…

दिसंबर 16

कुलपति उवाच स्वाध्याय का अर्थ के.एम. मुनशी अध्यक्षीय हमारी अपराजेय, अदृश्य शक्ति सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी शब्द और सत्य अज्ञेय आवरण-कथा सत्यम्, शिवम्, सुंदरम् सम्पादकीय सोने का ढक्कन और सत्य की धर्म-दृष्टि रमेशचंद्र शाह कल्याणकारी चेतना-शक्ति का नाम है…

नवम्बर 2016

कुलपति उवाच कर्मयोग का मार्ग के.एम. मुनशी अध्यक्षीय रुको, विचारो और फिर आगे बढ़ो सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी मधुर-मधुर मेरे दीपक जल! महादेवी वर्मा आवरण-कथा अंधेरे को मत कोसो… सम्पादकीय आत्मलोक को उद्भासित करने का समय कैलाशचंद्र पंत ज़रा…