नवंबर 2017

कुलपति उवाच  03  चरखे का दर्शन     के.एम. मुनशी अध्यक्षीय 04  संदेह     सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी 11  लीक पर वे चलें     सर्वेश्वरदयाल सक्सेना आवरण-कथा 12  उजास बांटते चलो     सम्पादकीय 14  उजास बांटने की संस्कृति      रमेश…

दिसम्बर 2017

कुलपति उवाच  03   शब्द और कर्म      के.एम. मुनशी अध्यक्षीय 04   अपने आप पर नियंत्रण रखो      सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी 11   अबकी बार लौटा तो      कुंवर नारायण व्यंग्य 118  राजा के आंसू      शशिकांत सिंह `शशि’ शब्द-सम्पदा…

मार्च 2019

कुलपति उवाच  03     संस्कृति        के.एम. मुनशी अध्यक्षीय 04     मंत्र        सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी 11     नि:शब्द हूं मैं        राजकुमार कुम्भज आवरण-कथा 12     `मैं भी’ सम्पादकीय 14     … तब ही तो ज़माना बदलेगा        सुधा अरोड़ा 22     सोच-समझ…

फरवरी 2019

कुलपति उवाच  03    भारत-माता       के.एम. मुनशी अध्यक्षीय 04    पूर्णता ही सर्वोच्च वास्तविकता है       सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी 11    कामना       श्रीनरेश मेहता व्यंग्य 43    मॉल में बसंत        शशिकांत सिंह शशि शब्द-सम्पदा 138   गरीब की दुहाई, सामंत…

जनवरी 2019

कुलपति उवाच  03   बुनियादी मूल्य      के.एम. मुनशी संदेश 04   सुरेंद्रलाल जी. मेहता 05   होमी दस्तुर पहली सीढ़ी 11   जीने के लिए कुछ शर्तें      केदारनाथ सिंह व्यंग्य 94   बेटा इतिहास! बोलो `ग’ से गधा       प्रेम जनमेजय शब्द-सम्पदा 186 …

अगस्त 2018

कुलपति उवाच  धर्म की संकल्पना के.एम. मुनशी अध्यक्षीय एक सत्य और कई अवधारणाएं सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी लाओ अपना हाथ भवानीप्रसाद मिश्र आवरण-कथा सम्पादकीय स्वतंत्रता, समता, न्याय का स्वर्ग बने भारत रामशरण जोशी स्वतंत्रता बनाम अराजकता गंगा प्रसाद विमल…