कुलपति उवाच
03 अतीत, वर्तमान और भविष्य
के.एम. मुनशी
अध्यक्षीय
04 मन और शरीर के स्वास्थ्य के लिए
सुरेंद्रलाल जी. मेहता
पहली सीढ़ी
11 मां की भाषा
रवींद्रनाथ ठाकुर
व्यंग्य
84 फिजेरिया
दिलीप कुमार
शब्द-सम्पदा
134 भुस भरना और फिर पालना…
अजित वडनेरकर
आवरण-कथा
12 संकट में मातृभाषा
सम्पादकीय
14 मातृ या केवल मात्र भाषा
प्रेम जनमेजय
23 भारत में मातृभाषाओं का संकट
संजय द्विवेदी
27 भाषा और ज्ञान का रिश्ता
जी. एन. देवी
31 भाषा की इच्छा मृत्यु
रवींद्र अग्निहोत्री
33 दुनिया की पहली डिजिटल भाषा
लोकमित्र गौतम
आलेख
37 धारा सभा में हिंदी में पहला भाषण
प्रकाश चंद्रायन
41 क्रांतिनायक कृष्ण
गणेश मंत्री
51 आत्मावलोकन आसान नहीं है
युवाल नोआ
57 शताब्दी के द्वार पर `दा’
मंजु चतुर्वेदी
73 मूर्खों के हाथ पड़ा साइंस `सिनेमा’
प्रेमचंद
76 जनम जनम के पार…
पुष्पा भारती
82 मास्टर मोशाय!
सुजीत चट्टोपाध्याय
88 पिता को याद करते हुए
ओमा शर्मा
98 संसार का इकलौता ओम आश्रम
त्रिलोक दीप
113 बाढ़ में घिरे हुए लोग
उरसेम
124 सैंया भये कोतवाल!
जितेंद्र भाटिया
137 किताबें
कथा
66 पुतुल
संजय कुमार सिंह
80 नभ देवता (लघुकथा)
रेणुका अस्थाना
106 पीर परबत-सी (उपन्यास अंश)
भरत चंद्र शर्मा
126 चौकसी रखने वाले
जॉन स्टेनबेक
कविताएं
63 तीन कविताएं
नंद चतुर्वेदी
96 गाड़ी निकल गयी
यश मालवीय
112 वजह
अनिल जोशी
समाचार
140 भवन समाचार
144 संस्कृति समाचार
