| कुलपति उवाच |
| 03 |
जीता-जागता अजूबा
के.एम. मुनशी |
| शब्द-सम्पदा |
| 04 |
प्रकांड, गैंडा और सरकंडा
अजित वडनेरकर |
| पहली सीढ़ी |
| 11 |
अब तुम देखो बाज़ी
गुलज़ार |
| धारावाहिक उपन्यास (भाग - 33) |
| 116 |
हिन्देन्दु
श्याम बिहारी श्यामल |
| व्यंग्य |
| 92 |
लघुशंका गृह और क्रांति
हरिशंकर परसाई |
| 108 |
आइंस्टीन और एपस्टीन की दिव्य-भेंट
प्रियदर्शी खैरा |
| 111 |
तालाब का चरित्र प्रमाणपत्र
संदीप पांडे 'शिष्य' |
| आवरण-कथा |
| 12 |
गांधी ने कहा था...
सम्पादकीय |
| 14 |
गांधी का रामबाण लौटना सत्य + आग्रह का!
रामशरण जोशी |
| 19 |
आलोक-स्तम्भ हैं बापू के कथन
डॉ. सुधीर सक्सेना |
| 27 |
आज के घटाटोप में एकमात्र रोशनी
दीपक पाचपोर |
| 32 |
जीवन जीने की पवित्र शर्त
वर्षा दास |
| 35 |
बापू की कुटिया में
रामवृक्ष बेनीपुरी |
| 47 |
गांधी का रास्ता और फासीवादी समय की चुनौती
शैलेंद्र चौहान |
| 53 |
नंगे पांव गांधी की समाधि पर
अल्बर्ट कामू |
| आलेख |
| 56 |
सनातन चेतना का विश्वदीप
स्वामी अवधेशानंद गिरि |
| 61 |
नर्मदा और सतपुड़ा के अंचल में
श्रीराम परिहार |
| 80 |
आज भी दुःस्वप्न है वियतनाम युद्ध
विमल मिश्र |
| 99 |
शोर में गूंजती भीतर की ख़ामोशी
यामिनी रामपल्लीवार |
| 104 |
मानवता का भविष्य
कैलाश सत्यार्थी |
| कथा |
| 73 |
चुप्पियों का घर
मुकेश असीमित |
| 93 |
चुनौती
भगवान अटलानी |
| 136 |
किताबें |
| कविताएं |
| 68 |
जला दी गयी किताबें अनिल गंगल |
| 90 |
बगावत सिद्धेश्वर प्रसाद |
| 106 |
समय की देहरी पर पूनम पांडे |
| समाचार |
| 139 |
भवन समाचार |
| 144 |
संस्कृति समाचार |