कुलपति उवाच
03 हमारी एकता का आधार
के.एम. मुनशी
अध्यक्षीय
04 शिक्षा का अधिकार और सही शिक्षा
सुरेंद्रलाल जी. मेहता
पहली सीढ़ी
11 हताशा से बैठा व्यक्ति
विनोद कुमार शुक्ल
शब्द-सम्पदा
132 कॉमरेड का कमरा और कम्पनी
अजित वडनेरकर
व्यंग्य
110 मातम
शशिकांत सिंह `शशि‘
आवरण-कथा
12 दलित चेतना के नये आयाम
सम्पादकीय
14 दलित चेतना से ही होगा भारतीय लोकतंत्र का उद्धार
प्रियदर्शन
19 सृजन की नयी राह पर
नीरजा
25 नयी सुबह के लिए नया नेत्तृत्व
प्रज्ञा दया पवार
32 `मैं एक दलित’
याशिका दत्त
37 मीठे पानी का कड़वा सच
गणेश मंत्री
44 महात्मा फुले – युयुत्सु महानायक
डॉ. सुधीर सक्सेना
आलेख
55 मेरे राम का मुकुट भीग रहा है
विद्यानिवास मिश्र
61 किस्सा दो चिट्ठियों का
67 मंदिर-मस्जिद सबके हैं!
विनोबा
84 किस्सागोई का चिरंतन जादू
जितेंद्र भाटिया
96 समय के मौन पदचिह्न
जयश्री पुरवार
100 `सारिका’ से शुरू हुआ था हिंदी में दलित-साहित्य का सिलसिला
सुरेश उनियाल
115 पारदर्शी भाषा के चितेरे
अनूप सेठी
120 गांव का कलमकार
अमरनाथ
123 आधुनिक युग में धर्म
दलाई लामा
126 सृष्टि के सृजन-संकल्प का उत्सव
रमेश जेशी
129 अलमस्त पुजारी
ओशो
137 किताबें
कथा
51 बैंड
राजू बाविस्कर
75 मुबीना या सकीना
गुरबख्श सिंह
87 महाविज्ञ
अत्सूशी नाकाजिमा
106 आम का पेड़
सेवक नैयर
कविताएं
48 अनिल साबले की दो कविताएं
50 मेघराज मेश्राम की दो कविताएं
109 मुन्नू और उसका परिवार
सुधीर ओखदे
119 बोलने में कम से कम बोलूं
विनोद कुमार शुक्ल
समाचार
140 भवन समाचार
144 संस्कृति समाचार
