मई 2023

कुलपति उवाच

03  सांस्कृतिक संकट का निदान

  के.एम. मुनशी

अध्यक्षीय

04  उत्तरदायित्व प्रेरित करता है

    सुरेंद्रलाल जी. मेहता

पहली सीढ़ी

11  एक कदम काफी है

    कार्डिनल न्यूमैन

व्यंग्य

82  मच्छर की महत्ता

    गोपाल चतुर्वेदी

शब्द-सम्पदा

118 फिरकों की अ़फरा-त़फरी, कयामत आने को है

      अजित वडनेरकर

आवरण-कथा

12 बदला-बदला सा गांव

     सम्पादकीय

14 नयी सामाजिकता का उदय

     सतेंद्र कुमार

24 कृषि-संस्कृति की समाधि

     अमरनाथ शर्मा

32 मेरे गांव की बदलती दुनिया

     सत्यदेव त्रिपाठी

38 स्मृतियों में अटका मेरा गांव 

     हरिवंश

51 स्वतंत्र भारत का जिंती गांव

     रुचि भल्ला

57 पुकारती है वसुंधरा

    अवधेश तिवारी

आलेख

68  अर्थों के विलोप का समय और भारतीयता की अवधारणा

      विजय कुमार

87  सही माने में भारतीय कलाकार

      अशोक भौमिक

100 `लातिन के आख़िरी पुष्प कुंज’ की अंतर्राष्ट्रीय महक

     जितेंद्र भाटिया

112  द्विवेदी जी की शर्त

      राजेंद्र परदेसी

116 गंगा मैया से कहियो सरस्वती ने भेजो है…

      संध्या रियाज़

121 अजंता की गुफाओं में पली प्रेम कथा

      संतोष श्रीवास्तव

123  रॉबर्ट गिल की पारो

      प्रमिला वर्मा

137 किताबें

कथा

75  जिल्दसाज़

     ज्ञानप्रकाश विवेक

96  जामुन का वही पेड़

     सुधा गोयल

105 नदी का तीसरा किनारा

     जोआओ ग्विमारेज़ रोसा

कविताएं

62  गांव की चिट्ठी शहर के नाम

     ओम नागर

94  दो कविताएं

     राजकुमार कुम्भज

114 पिता

     संतोष कुमार झा

समाचार

140 भवन समाचार

144 संस्कृति समाचार

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