मार्च 2024

कुलपति उवाच

03   आत्मनैव आत्मनम उद्धरेत

     के.एम. मुनशी

अध्यक्षीय

04   क्या आप जीवित हैं या केवल जी रहे हैं?

     सुरेंद्रलाल जी. मेहता

पहली सीढ़ी

11   पर इस जगह तो रैन-बसेरे थे…

     शीन क़ाफ निज़ाम

व्यंग्य

84   स्त्रीलिंग में महिला आरक्षण

     यज्ञ शर्मा

97   दी वेजिटेबल टाइम्स

     श्रीकांत चौधरी

धारावाहिक उपन्यास (भाग – 2)   

110  हिन्देन्दु

     श्याम बिहारी श्यामल

शब्द-सम्पदा

133  ह़क जो अदा न हुआ

     अजित वडनेरकर

आवरण-कथा

12    अभी बहुत चलना बाकी है

     सम्पादकीय

14    उड़ान अधूरी है

     मधु कांकरिया

19    अधिकारों के साथ वजूद तलाशती स्त्री

     रीता दास राम

24    नारीत्व की नयी परिभाषा चाहिए

     आशारानी व्होरा

32    आस्था बनाम महिला सशक्तिकरण

     सुधा अरोड़ा

37    महिलाओं का पीछे रहना…नुकसान है

     द्रौपदी मुर्मू

आलेख

43   ताकि भारत विचार बचा रहे

     अशोक वाजपेयी

54   मूढ़ पत्थरों में संगीत का गूढ़ विज्ञान

     वीरेंद्र बहादुर सिंह

59   डिप सा’ब की तीसरी बेटी

     सूर्यबाला

63   छोटे-से शहर की बड़ी कहानी

     मीरा कांत

71   पुस्तकों की एक जादुई दुनिया

     योगेंद्र कृष्णा

103  शिव + ओम + गवरा = शिवमगरा

     राजेंद्र सिंह गहलौत

107  देवकली की अर्ज़ी

     जाबिर हुसेन

123  `मनुष्यता की बेहतरी के लिए’

125  रूह के ज़ख्म

     परगट सिंह सतौज

137  किताबें

कथा

48   अपकार-परोपकार

     अरुण कुमार

75   तिलांजलि

     सुमेर सिंह राजावत

88   मेरा घर कहां चला गया?

     नीलिम कुमार

कविताएं

23   औरतों की उम्र

     निरुपमा कुमारी

40   तीन कविताएं

     अनुपमा तिवाड़ी

42   रचाव-बचाव

     मोनिका शर्मा

86   चार कविताएं

     खेमकरण `सोमन

समाचार

140  भवन समाचार

144  संस्कृति समाचार

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