फरवरी 2018

कुलपति उवाच 

राष्ट्र-शक्ति का मूल

के.एम. मुनशी

अध्यक्षीय

शक्ति की आराधना

सुरेंद्रलाल जी. मेहता

पहली सीढ़ी

घर

अज्ञेय

आवरण-कथा

विज्ञान और आध्यात्मिकता

सम्पादकीय

ताकि मानव-सभ्यता नष्ट न हो

मुरली मनोहर जोशी

विज्ञान और आध्यात्मिकता

एक अनोखा और बेमिसाल संगम

पंकज जोशी

यहां और अब में निहित है मेरी अमरता

अल्बर्ट आइंस्टीन

आवश्यकता आध्यात्मिकता और नैतिकता के बारे में सोचने की है

दलाई लामा

आत्मज्ञान कदम उठाये और विज्ञान

उसके पीछे चले

विनोबा भावे

स्वामी विवेकानंद और विज्ञान

व्यंग्य

मुआवजा

सईद खान

शब्द-सम्पदा

कभी गाड़ी पर (भाग – 1)

विद्यानिवास मिश्र

आलेख 

धुंधलके में एक नक्शे को 

समझने की कोशिश

काज़ुओ इशिगुरो

शहरयार के साथ की वह यादगार सुबह! 

प्रेमकुमार

जब मैं जैनेंद्रजी का `गणेश‘ बना

महेश दर्पण

कौन खुशी से मैला ढोता है?

पेरुमल मुरुगन

विरोधाभासों के संतुलित समन्वय के प्रतीक शिव

लक्ष्मेंद्र चोपड़ा

मानवीय करुणा की मूक दास्तान

अरविंद कुमार

नाच-नाच रे, मेरे मन!

श्रीकांत कोलटकर

नील फूल हरता मेरा मन…

संतन कुमार पांडेय

इतिहास

डॉ. ए.एल. श्रीवास्तव

एक किताब ऐसे भी

सुदर्शना द्विवेदी

किताबें

कथा

तुम क्या कहती हो?

नरेंद्रकौर छाबड़ा

हंस-गीत

निर्मल कुमार

सरहपाद का निर्गमन

दूधनाथ सिंह

लेकिन

डॉ. कृष्णा श्रीवास्तव

कविताएं

इतना क्षणिक क्यों था, तुम्हारा आना…

राम जैसवाल

तीन कविताएं

राजेंद्र निशेश

समाचार

भवन समाचार

संस्कृति समाचार

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