| कुलपति उवाच |
| 03 |
हमारी भाषाएं हमारी पहचान हैं
के.एम. मुनशी |
| शब्द-सम्पदा |
| 04 |
ऩकदी, ऩकबज़न और नक़्क़ारा
अजित वडनेरकर |
| पहली सीढ़ी |
| 11 |
तिनके की चीख
मलयज |
| धारावाहिक उपन्यास (भाग - 32) |
| 117 |
हिन्देन्दु
श्याम बिहारी श्यामल |
| व्यंग्य |
| 112 |
रोने का राष्ट्रीय चरित्र
सुभाष बुड़ावनवाला |
| आवरण-कथा |
| 12 |
मेरी भाषा मेरा गौरव
सम्पादकीय |
| 14 |
मेरी भाषा मेरा गौरव कैसे बनेगी?
प्रियदर्शन |
| 19 |
'देसिल बचना सब जन मिट्ठा'
नर्मदा प्रसाद उपाध्याय |
| 24 |
हमारी भाषा : हमारा हथियार
सुधा अरोड़ा |
| 28 |
स़िर्फ बिंदी नहीं है हिंदी
राजेश बादल |
| 42 |
प्रेमचंद का भाषा-चिंतन
प्रो. अमरनाथ |
| 48 |
थोरा हमरो भी तो सुनो
तिरलोक तिवारी, 'सामाबूला, सूवा' |
| आलेख |
| 50 |
आउटसाइडर और स्थितप्रज्ञ
दुर्गादत्त पाण्डेय |
| 68 |
गांव देखने गया, वह नहीं दिखा...
हरिसुमन बिष्ट |
| 76 |
साम्प्रदायिक राजनीति का यथार्थ
कमल कुमार |
| 83 |
मनुष्य की सबसे बड़ी लड़ाई स्वयं से
अवनीश कुमार गुप्ता |
| 89 |
महाकाल वैज्ञानिक तथ्य भी है!
राजशेखर व्यास |
| 95 |
शंकरदास का ओवरटाइम
बल्लभ डोभाल |
| 99 |
पांव-पांव चलती पीढ़ी के सामने भागती-दौड़ती पीढ़ी
लोकेन्द्र सिंह कोट |
| 107 |
पद्मश्री कैलाशचंद्र पंत : हिंदी भाषा की रक्षा और समृद्धि का जीवंत उदाहरण
संदीप सृजन |
| 114 |
रानी बंधाई बावड़ी
डॉ. श्रीकृष्ण 'जुगनू' |
| 136 |
किताबें |
| कथा |
| 61 |
देवी
कनक लता तिवारी |
| 103 |
अपना शहर
सुशांत सुप्रिय |
| कविताएं |
| 67 |
अंत और प्रारम्भ विस्लावा शिम्बोर्स्का |
| 74 |
दो कविताएं उदयन ठक्कर |
| 110 |
चार कविताएं पवन शर्मा |
| समाचार |
| 139 |
भवन समाचार |
| 144 |
संस्कृति समाचार |