शब्द-यात्रा घड़ी-घड़ी मेरा दिल धड़के आनंद गहलोत पहली सीढ़ी मर-मर क्या जीना हरीश भादानी आवरण-कथा व्यंग्य के साथ भी हंसी आती है, पर वह ऐसी नहीं होती हरिशंकर परसाई मगर इंसान हंसता क्यों है? कृश्न चंदर मेरा व्यंग्य सवालों के जवाब…
Tag: पहली सीढ़ी
नवम्बर 2014
सारी योजनाओं, कार्यक्रमों, वादों, दावों के बावजूद आज भी देश के, कम से कम ग्रामीण भारत के सरकारी स्कूलों में न बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था है, न पीने के लिए पानी, न शौचालय. शिक्षा के नाम पर…
सितम्बर 2014
वर्ष : 62 अंक : 09 सितम्बर 2014 कुलपति उवाच व्यक्तित्व का विकास के.एम. मुनशी शब्द यात्रा ना यानी नहीं आनंद गहलोत पहली सीढ़ी और एक मुस्कान पॉल एलुआर आवरण-कथा सम्पादकीय सवाल भाषाई आत्मसम्मान का रघु ठाकुर हिंदी में…
जनवरी 2011
इस बार हम आपके लिए हिंदी की उन कथाओं का गुलदस्ता लेकर उपस्थित हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद के काल में हमारे कथा-साहित्य के बगीचे को महकाया है. ‘नवनीत’ का यह विशेषांक ऐसी ग्यारह कहानियों का संकलन है, जिन्होंने हमारे…
जनवरी 2014
रंग चाहे तितली के हों या फूलों के, जीवन में विश्वास के रंग को ही गाढ़ा करते हैं. पर कितना फीका हो गया है हमारे विश्वास का रंग? पता नहीं कहां से घुल गया है यह मौसम हवा में कि…
