किताबें, कुछ और किताबें (मार्च 2016)

किताबें


फ़ादर कामिल बुल्के

भारतीयता के प्रकाश पुंज

सं.- सुरेश ऋतुपर्ण

भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद, नयी दिल्ली  मूल्य- 600

फ़ादर कामिल बुल्के राम-कथा के मर्मज्ञ विद्वान थे जिनका अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश आज भी सबसे मानक शब्दकोश माना जाता है. बड़े आकार में 360 पृष्ठों की इस पुस्तक में बहुमूल्य सामग्री एवं दुर्लभ चित्र एकत्रित किये गये हैं जो उनके जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व के विभिन्न पक्षों को जानने-समझने का महत्त्वपूर्ण माध्यम हैं.


रंग दे शब्द

नरेंद्र मोहन

एपीएन पब्लिकेशन्स, डब्ल्यू , जेड-87, ए, गली नं-4, हस्तसाल रोड, उत्तम नगर, नयी दिल्ली-59 मूल्य-160`

54 कविताओं के इस संग्रह के तीन खंड हैंö ‘रंग दे शब्द’, ‘शब्द संग’ और ‘नदी की धुन में’. इन तीनों खंडों में शब्द और रंग की कई छायाएं संवेदना और विचार के विविध धरातलों पर फैलती गयी हैं. शब्द, रंग और परिस्थिति के घात-प्रतिघात से उपजी सौंदर्य-दृष्टि ने कवि के लिए प्रयोगों के रास्ते खुले रखे हैं. इन कविताओं में बेचैनी और सकून  के बीच के स्पेस को सांस लेते देखा जा सकता है.


हरीश भादानी

अरुण माहेश्वरी

साहित्य अकादमी, रवींद्र भवन, 35 फ़ीरोजशाह मार्ग, नयी दिल्ली – 01  मूल्य – 50

‘भारतीय साहित्य के निर्माता’ शृंखला के अंतर्गत कवि हरीश भादानी पर यह पुस्तक प्रकाशित की गयी है. अल्पवय में विवाह के साथ शिक्षा और ज्ञानार्जन की भूख, युवा हरीश के कॉलेज के दिन, वातायन पत्रिका का प्रकाशन और फिर रचनाकार का अंतिम क्षण तक इस पुस्तक में समाहित है. हरीश भादानी की पूरी रचना यात्रा जैसे एक गीत में पिरोये गये इन तमाम बिम्बों से बोल उठती है.


स्वरसम्राट दीनानाथ मंगेशकर

डॉ. वंदना रवींद्र घांगुर्डे

अनु.- प्रकाश भातंब्रेकर

प्रभात प्रकाशन, 4/19, आसफ अली रोड, नयी दिल्ली- 02  मूल्य-400

मूल मराठी में लिखी पुस्तक के इस सुंदर अनुवाद में मास्टर दीनानाथ मंगेशकर के संगीतमय जीवन को सरस और सुमधुर शैली में प्रस्तुत किया गया है. उनकी वंश परम्परा, प्रारम्भिक जीवन, उनके व्यक्तित्व, उनकी संगीत यात्रा सहित उनसे जुड़ी अनेकों जानकारियां दी गयी हैं. पुस्तक पठनीय है.


मुनादी

मनोज सोनकर

अमृत प्रकाशन, 1/5170,
लेन नं.-8, बलवीर नगर शहादरा दिल्ली-32
मूल्य- 250 `

350 दोहों के इस संग्रह को तीन खंडोंö ‘भीतरी अंश’, ‘प्रकृति वंश’ और ‘बाहरी वंश’ में बांटा गया है. पहले में जहां मनोभावों की कलात्मक अभिव्यक्ति हुई है, वहीं दूसरे में प्रकृति की विभिन्न बिम्बात्मक छवि का वर्णन किया गया है. तीसरे खंड में सामाजिक विकृतियों और विसंगतियों पर प्रहार किया गया है. कवि मनोज सोनकर का यह दोहा संग्रह उनके अटूट काव्य प्रेम का द्योतक है.


बब्लू खुश

अनिल मौर्य

विश्वभारती पब्लिकेशन, 4378/4 बी. अंसारी रोड, दरियागंज, नयी दिल्ली-02 मूल्य- 600 `

यह उपन्यास एक 14 वर्षीय बालक की कथा है जो अपनी दृढ़ इच्छा-शक्ति, बुद्धिमानी और साहस के बल पर अपने गांव का कायापलट कर देता है. गरीबी, जातिभेद और अंधविश्वास में जकड़े गांव को आदर्श गांव बना देने की इस कथा का गवाह एक बूढ़ा बरगद है. सरल, सुग्राह्य भाषा में लिखा यह उपन्यास एक परिवार, गांव और समाज की प्रगति की दास्तान है.


कुछ और किताबें


ज़िंदगी! तू एक कविता है

(कविता संग्रह )

कु. सुमि अनामिका साक्षी

राष्ट्रीय हिंदीसेवी महासंघ, डी-1989 सुदामानगर, इंदौर- 452009  मध्य प्रदेश. मूल्य-150


नेह बंध की देहरी (कथा-संग्रह)

डॉ. शशि गोयल

अर्चना पब्लिकेशन्स,  9, महिलाग्राम कालोनी, सूबेदारगंज, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश.    मूल्य – 200


राम-राम कंछी लाल (कहानी संग्रह)

योगेन्द्र शर्मा

नमन प्रकाशन, 4231/1, अंसारी रोड, दरियागंज, नई दिल्ली- 110002. मूल्य – 200


मैं भारत हूँ (काव्य-संग्रह)

लोकेंद्र सिंह

संदर्भ प्रकाशन, जे- 154 हर्षवर्द्धन नगर, भोपाल, मध्य प्रदेश.  मूल्य – 200


यूँ ही नहीं (काव्य-संग्रह)

उमेश शर्मा

इन्क फाउन्टेन पब्लिकेशन, निर्मला आश्रम,  निर्मला छावनी, हरिद्वार – 249401 मूल्य – 140


मेरे साक्षात्कार 

उदभ्रांत

अमन प्रकाशन, 104 ए/80 सी रामबाग, कानपुर – 208 012, उत्तर प्रदेश  मूल्य – 250

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