फरवरी 2017

कुलपति उवाच 

03     तब बुद्धि का बल बढ़ता है

       के.एम. मुनशी

अध्यक्षीय

04     अवसाद पर नियंत्रण

       सुरेंद्रलाल जी. मेहता

पहली सीढ़ी

11     प्रार्थना

       लुइस कने

आवरण-कथा

12     विज्ञान और हम

       सम्पादकीय

14     ताकि विज्ञान विश्व-दृष्टि निर्मित करे

       गंगा प्रसाद विमल

20     रिश्ता चमत्कारी विज्ञान और  समाज की पुरानी गठरी का

       जितेंद्र भाटिया

23     बोल कर टाइप करने का सुख

       सूरज प्रकाश

27     विज्ञान के लिए चुनौती

       सुरेंद्र सिंह पोखरणा

32     विज्ञान से आत्मीय रिश्ता बनायें

       जवाहरलाल नेहरू

35     वैज्ञानिक सोच को  डस रहा है अंधविश्वास

       डॉ. इरफान ह्यूम

37     तकनीक का छोड़ा घोड़ा

       दिलीप चिंचालकर

कविताएं

76     शंख घोष की कविताएं

नोबेल कथा

85     वह दाहिना हाथ

       अलेक्सांद्र सोल्झेनित्सिन

धारावाहिक उपन्यास – 12

100   शरणम्

       नरेंद्र कोहली

शब्द-सम्पदा

136   घर-द्वार

       विद्यानिवास मिश्र

आलेख 

40     मायथॉलॉजी, विज्ञान और समाज

       विक्रम सोनी और रोमिला थापर 

56     वसंत का गणित

       धर्मवीर भारती

62     पर्यावरण का अनुपम, अनुपम मिश्र है

       प्रभाष जोशी

68     जलपाखी बन गया था वह जलदूत

       रमेश थानवी

73     मानवीय संवेदना-सिक्त ऊर्जा वाला कवि

       प्रयाग शुक्ल

78     कदम कदम पर `चौराहे’

       रमेशचंद्र शाह

96     कई संसारों वाला व्यक्तित्व

       कृष्ण कुमार

123   त्रिपुरा की राजकीय मछली : पाबदा

       डॉ. परशुराम शुक्ल

127   नहीं चाहिए, संवेदनहीन साक्षर

       आशुतोष राणा

130   `मेरा वसंत ज़रा देर से आता है’

       सुधीर निगम

138   किताबें

कथा

43     एक विदेशी भुजा

       जयंत नारलीकर

48     छोटे साहब

       डॉ. राजीव रंजन उपाध्याय

समाचार

140   भवन समाचार

144   संस्कृति समाचार

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