गिनती के शब्द

आनंद गहलोत

यूरोप, मध्य एशिया, ईरान, अफ़गानिस्तान, भारत व दक्षिण पूर्वी एशिया की विभिन्न भाषाओं व बोलियों में इस्तेमाल गिनती के शब्द हमारे पूर्वजों के किसी एक विशेष वर्ग की देन है. यह वर्ग किसी एक देश से जिस किसी भी देश या अंचल में गया, वहां गिनती के ये शब्द साथ लेता गया. मानव के प्राचीनतम साहित्य, वेदों ने इन शब्दों को सुरक्षित रख लिया. ये शब्द हैं- एक, द्वि (दो), त्रि (तीन), चतुर (चार), पंच (पांच), षष् (छह), सप्त (सात), अष्ट (आठ), नव (नौ), दश (दस). यह क्रम बहुत लम्बा है जैसे ऊनविंशति (उन्नीस), विशंति (बीस), सहस्र (हज़ार), लक्ष (लाख), कोटि (करोड़).

 संस्कृत ने इन शब्दों को उसी रूप में सुरक्षित रखा, जिस रूप में उसे पूर्वजों से मिले थे. विश्व की अनेक भाषाओं ने इन संख्यावाचक शब्दों को अपनाया. कालांतर में उच्चारण व ध्वनि में अलग-अलग देशों की प्रकृति के अनुसार अंतर हुआ. यूरोपीय भाषाविदों की मान्यता है कि ये सारे शब्द वेदों से पूर्व की किसी अज्ञात यूरोपीय-भारतीय भाषा के हैं, जिसका कोई भी लिखित साहित्य मौजूद नहीं है.

भारत की ही बात करें तो यहां मूल संख्यावाचक शब्दों में मामूली से हेरफेर हुए, जैसे ‘एक’ मराठी, गुजराती, असमी, उड़िया, हिंदी-उर्दू में ‘एक’ ही रहा. लेकिन कश्मीरी में ‘अख’, सिंधी में ‘हिकू’, फ़ारसी ‘यक’ और तेलुगु में ‘ओकटि’ हो गया. संस्कृत ‘द्वि (दो)’ को मराठी ने पूरे दो अक्षरों का ‘दोन’ कर दिया. और गुजराती ने ‘बे’. गज्यादातर भारतीय भाषाओं में ‘दो या दुई’ रूप विकसित हुए. फ़ारसी ने चार को ‘चहार’ कर दिया, पांच को ‘पंज’ संस्कृत ‘षष्’ का फ़ारसी समांतर शब्द ‘शश(छह)’ हुआ जो हिंदी-उर्दू से गज्यादा संस्कृत के निकट है. ‘सप्त’ को उन्होंने ‘हप्त’ बना डाला. ‘अष्ट (आठ)’ ‘हिश्त’ हो गया. नव ‘(नौ) ‘नह’ बन गया. फ़ारसी में संस्कृत ‘दश, ‘दहाई शब्द में अपने ‘ह’ रूप परिवर्तन को नहीं रोक सका. यूरोप में भी संख्यावाचक शब्द एक, दस, सौ, हज़ार वन, टैन, हंड्रेड, थाऊजैंड हो गया. यूरोप में यूनानी भाषा में दश (10) ‘डेका’ और लैटिन में ‘डेसम’. अंगेज़ी का ‘डेसिमल’ और संस्कृत का ‘दशमलव’ समांतर हैं.

वैदिक भाषा का ‘शत’ फ़ारसी में ‘सद’ के रूप में है. ‘सदी’ इसी ‘सद’ से बना है. ‘शतम (सौ) लैटिन में ‘सैंटम’ हो गया, ‘सेंचुरा’ का पूर्वज यही है. ‘कोटि’ से बने करोड़, करोड़  को अंग्रज़ों ने ‘क्रोर’ कर दिया. ‘लाख’ का मूल है ‘लक्ष’. ‘लक्ष’ शब्द लाखों वर्ष पुराना भी हो सकता है.

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