किताबें (फरवरी 2016)

कोणार्क की छाया

दामोदर खड़से

भावना प्रकाशन, 109-ए, पटपड़गंज, दिल्ली – 91 मूल्य- 500

इस एक ही पुस्तक में दो उपन्यास हैं. ‘भगदड़’ ऐसे युवक की कथा है जो सुख-सुविधाओं की तलाश में कस्बे से महानगर की उड़ान भरता है. संवेदना और भावुकता से बच निकलने की कोशिश में उसका जीवन के कटु अनुभवों से साक्षात्कार होता है. दूसरा उपन्यास ‘काला सूरज’ पत्रकारिता जगत की परतें उघाड़ता संघर्ष और उपलब्धि के बीच की भटकन और मानवीय सम्बंधों के यथार्थ को रूपायित करता है.


मौसम बाज गुलेल

सिब्बन बैजी

संयोग प्रकाशन, 9/ए, चिंतामणि, आर.एन.पी.पार्क, भाईंदर, मुम्बई – 401105    मूल्य – 150

65 गज़लों का यह संग्रह ग़ज़ल लेखकों में  सिब्बन बैजी के अलग मुकाम की झलक देता है. इन ग़ज़लों में रिश्तों की मधुरता, सम्बंधों की जटिलता, असमंजस के साथ ही एक अद्भुत-सा संकोच और एक मजबूत-सी बेबाकी भी मिलेगी. गांव और महानगर दोनों ही में चरित्रों की स्वार्थांधता को उजागर करती हैं ये कविताएं.


कुछ लोहा कुछ मोम

चंद्रसेन विराट

समांतर पब्लिकेशन, तराना (उज्जैन) म.प्र.  मूल्य – 300

संग्रह में चार-चार पंक्तियों की 161 रचनाएं संकलित हैं. ये चतुष्पदियां लघु गीतिमा युक्त सम्पूर्ण कविताएं हैं जो कथ्य की एकान्विति का रक्षण करती हैं तथा शब्द-चयन, लय-प्रवाह और निर्दोष छांदसिकता का निर्वाह करती हैं. इनकी संक्षिप्तता में भी काव्यानंद का जादू है जो चमत्कृत कर देता है. काव्य रसिकों के लिए वैचारिक आनंद का हेतु है यह पुस्तक.


घुसपैठिये

हरि जोशी

राजपाल एण्ड सन्ज़,  1590, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली – 06   मूल्य- 195

घुसपैठिये व्यंग्यकार हरि जोशी का पहला व्यंग्यात्मक उपन्यास है. इसमें राजनीति, समाज, न्याय व्यवस्था, परिवार व्यवस्था आदि  जनमानस को प्रभावित करने वाले क्षेत्रों में घुसपैठ वृत्ति के उजागर करने का प्रयास किया है. विसंगतियों को कथ्य का सहज हिस्सा बना इस उपन्यास में हम देख सकते हैं. उपन्यास में व्यंग्य का पुट होने के चलते पठनीयता अंत तक बरकरार रहती है.


प्रेम विरह गीत
ऋषिवंश
नमन प्रकाशन, 4231/1, अंसारी रोड, दरियागंज, नयी दिल्ली-02   मूल्य- 150 

108 कविताओं का यह संग्रह ऋषिवंश का 13 वां काव्य संग्रह है. संग्रह के इन गीतों में उन्होंने नये बिम्ब और प्रतीक देकर अनूठे और मौलिक प्रयोग किये हैं. इनमें सांसारिक विकारों और शुभ्रताओं से विलग एक सहज प्रस्फुटन है. ये रचनाएं संसार को सुधारने और भूखे को रोटी देने की बजाय समस्याग्रस्त संसार के चित्त को आध्यात्मिक राहत प्रदान करती हैं.


एक टुकड़ा कस्तूरी
सूर्यबाला
अमन प्रकाशन, 104 ए/80 सी, रामबाग, कानपुर-208012  मूल्य – 200

सूर्यबाला की 12 प्रेम कहानियों के इस संग्रह में प्रेम का एक संजीदा, जवाबदेह और मानवीय रूप सामने आता है. इन कहानियों में अधिकांशतः स्त्रियां ही प्रेम की सघनता का आधार हैं. यहां प्रेम सूफियाने ढंग का है. प्रचलित धारणा और स्वरूपों के अनुसार यहां प्रेम देह के साहचर्य से नहीं परिभाषित होता. यहां देने-पाने के नियम के बजाय सबकुछ देकर अमीरी प्राप्त हो जाती है.

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