महाकुम्भ में छलका अमृत!

यश मालवीय  महाकुम्भ की बेला है. गंगा यमुना के संगम में लुप्त सरस्वती उजागर हो रही है. अमृत कुम्भ छलक-छलक जाता है. प्रयाग भीग रहा है आध्यात्मिक हवाओं में. आंखों में पृष्ठ दर पृष्ठ खुलते चले जा रहे हैं. पचास…

गिनती के शब्द

आनंद गहलोत संख्यावाचक वैदिक शब्द; जो ध्वनि सुनते ही या सूरत देखते ही अनायास पहचाने जा सकते हैं, वे हैं– द्वि/द्व (दो), त्रि (तीन), षष (छह), अष्ट (आठ) नव (नौ). ‘द्वि’ लैटिन व यूनानी में ‘दुओ’, रूसी में ‘द्वा’ है.…

विचरण करते पशु-पक्षी (भाग-2)

आनंद गहलोत भारत में जो हालत प्राचीनतम ‘उक्षन्’ शब्द की हुई वही दूसरे प्राचीनतम ‘अश्व’(घोड़ा) की भी हुई. ईरानी भाषाओं में ‘अश्व’ थोड़ा-सा ध्वनि भेद होकर ‘अस्प’ रूप में आम बोलचाल का शब्द है. लेकिन भारत में जनसामान्य की भाषा…

विचरण करते पशु-पक्षी (भाग-1)

आनंद गहलोत विश्व की अधिकांश भाषाओं में पशुवाची शब्दों का रक्त सम्बंध रहा है- गो (गाय) और अंग्रेज़ी की ‘काउ’ की तरह. संस्कृत का उक्षन् (बैल) यूरोप में ‘ऑक्सेन’ हो गया. संस्कृत का ‘उष्ट्र’ फ़ारसी में ‘उश्तुर’ हो गया. अरब…

गिनती के शब्द

आनंद गहलोत यूरोप, मध्य एशिया, ईरान, अफ़गानिस्तान, भारत व दक्षिण पूर्वी एशिया की विभिन्न भाषाओं व बोलियों में इस्तेमाल गिनती के शब्द हमारे पूर्वजों के किसी एक विशेष वर्ग की देन है. यह वर्ग किसी एक देश से जिस किसी…

चोला की कमीज़ और कुरता

आनंद गहलोत  संस्कृत साहित्य में उत्तरीय का उल्लेख है, कमर में पहना जानेवाला वत्र, अधोवत्र या अंतरीय का उल्लेख है और उल्लेख है चोल(चोलः) का.  संस्कृत अमर कोष में (चोलः) शब्द है, लेकिन ‘चोला’ या ‘चोली’ नहीं. इस पुल्लिंग शब्द…