टकराव

गाड़ी चल दी, तो उसे अपनी गड्ड-मड्ड मनः स्थिति का फिर भान हुआ. इन कुछ दिनों में सब कुछ अस्त-व्यस्त रहा था, जैसे नमकदानी के अंदर के सब खानों की चीजें आपस में रल-मिल गयी हों. वह एक-एक करके सभी…

सात सवार

(अपने उपन्यास ‘देजर्तो देई तार्तारे’ से प्रसिद्धि पाने वाले इटालियन लेखक दिनो बुज्जाती की कृतियों में अतिसामान्य और अद्भुत का, हल्के-फुल्के हास्य और गहन वेदना का विलक्षण संगम है. उनकी सशक्त-सादी शैली में व्यग्रता और चिंता की अंतर्धारा है, जो…

चिराग तले

मैंने बहुत ज़्यादा थक कर किताबों पर से नज़रें उठायां. अपनी जलती आंखों को दोनों हाथों से धीरे-धीरे मलकर एक जोरदार जम्हाई ली. उफ! इस पढ़ाई, इस परीक्षा से कितनी थक चुकी हूं. हर वर्ष परीक्षा देते-देते थक गयी हूं,…

जर्मन विज्ञानः पतन और पुनरुत्थान

एक समय था, जब जर्मनी वैज्ञानिकों का मक्का या मदीना था. विज्ञान की दुनिया में आज जो स्थिति अमरीका की है, वही स्थिति आज से तीस साल पहले जर्मनी की थी. जर्मनी ने संसार को आइन्स्टाइन, प्लैंक, रोंटजेन, ओट्टो हान,…

“दृश्यांतर” पत्रिका के बहाने धीरेन्द्र अस्थाना की आत्मकथा पर गोष्ठी

“चार अंकों में ही इतनी लोकप्रिय होने वाली दृश्यांतर पत्रिका शायद हिंदी की पहली ऐसी साहित्यिक पत्रिका है, जो हर तरह से बहुत अच्छी सामग्री देने के साथ-साथ रचनाधर्मिता के मानदंडों पर खरी उतरती है”- यह उद्गार सुप्रसिद्ध रचनाकार सुधा…

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2014

अगले वर्ष नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 14 से 22 फरवरी, 2015  “पुस्तकें सभ्यता का विकास करती हैं बिना पुस्तकों के किसी भी सभ्यता को विकसित करना संभव नहीं है। कोई भी तकनीक पुस्तकों के सौंदर्य का स्थान नहीं ले…