नवम्बर 2015

Cover - Nov.15

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कुलपति उवाच

बदलती समाज-व्यवस्था

के.एम. मुनशी

अध्यक्षीय

दीपावली शुभ हो

सुरेंद्रलाल जी. मेहता

पहली सीढ़ी

अंधेरे का दीपक

हरिवंशराय बच्चन

आवरण-कथा

उजालों के अंधेरे

सम्पादकीय

प्रकाश की परछाईयां

रमेश नैयर

आओ ‘दागदार उजालों’ के दाग धोएं

कैलाशचंद्र पंत

शिक्षा की दुनिया में अंधेरा क्यों?

रमेश दवे

अभिशाप भोगता बचपन

सरोज त्रिपाठी

मैं बच्चों के सपनों का प्रतिनिधि हूं

कैलाश सत्यार्थी

‘बच्चे के विकास में बाधक हर काम अनैतिक है’

कैलाश सत्यार्थी से बातचीत

व्यंग्य

अंधेरे का मुसल्सल सफर

गोपाल चतुर्वेदी

नोबेल कथा

मौत

एलयास कानेत्ती

उपन्यास अंश

वजह

राजेंद्र मोहन भटनागर

शब्द-सम्पदा

दिशाएं

विद्यानिवास मिश्र

आलेख

हर दीया सृजन की स्वायत्तता है

परिचय दास

अंधेरों में दिया रखना

विजय कुमार दुबे

एकात्म मानववाद अर्थात

पं. दीनदयाल उपाध्याय

किन नींदों अब तू सोती है

धनंजय वर्मा

इसी पुकार के भीतर से वीरेंद्र कुमार जैन

ज्योत्सना मिलन

इस ढांचे में मुक्ति सम्भव नहीं

सच्चिदानंद सिन्हा

यज्ञ शर्मा की याद में आधी हकीकत – आधा फसाना

अतुल तिवारी

‘एक अधूरा सपना’

नयनतारा सहगल

अतीत को वर्तमान से जोड़ता है यह जीवाश्म उपवन

प्रदीप शर्मा ‘स्नेही’

किस्सा ‘जासूसी दुनिया’ का

किताबें

 कथा

सब्जीवाला

रमाकांत शर्मा

नाना का घर – जादू-मंतर

अरशद खान

कविताएं

पतंग उड़ाते बच्चों जैसे

यश मालवीय

भरे हाथ

सुशांत सुप्रिय

रोशनी की आहटें

हरीश निगम

यहां आकाश बहुत नीचे आ जाता है

वीरेंद्र कुमार जैन

चार कविताएं

वीरेन डंगवाल

समाचार

भवन समाचार

संस्कृति समाचार

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