जनवरी  2016

Bhavans Navneet Cover - Jan.16

चिट्ठी नाम की ‘चीज़’ हमारे हाथों से फिसलती जा रही है- ठीक वैसे ही जैसे रेत हाथों की उंगलियों से फिसल जाती है. पता ही नहीं चलता कब मुट्ठी खाली हो जाती है. संचार-क्रांति के इस युग में चिट्ठियां बीते ज़माने की चीज़ बनती जा रही हैं. आज एक-दूसरे से जुड़ने के नये-नये उपकरण हमारे पास हैं. था कोई ज़माना जब कालिदास ने मेघदूत के माध्यम से यक्ष का संदेश उसकी प्रियतमा तक पहुंचाया था, अब ज़माना एसएमएस का है, ट्विटर का है. पलक झपकते ही संदेश दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंच जाता है. मुट्ठी में है दुनिया अब. अमेरिका में बैठा कोई बेटा अब भारत के किसी गांव में रह रहे पिता से ऐसे बात कर सकता है, जैसे सामने बैठा हो. विज्ञान का यह खेल किसी करिश्मे से कम नहीं है. सदियों की कल्पनाओं को साकार होते देख रहे हैं हम. पर इस ‘मिलन’ में वह ऊष्मा है क्या, जो पांच पैसे के पोस्टकार्ड को हाथ में लेकर महसूस की जाती थी? हो सकता है, संवेदनाओं की इस मीठी छुअन के अहसास का हाथों से फिसलना मेरी पीढ़ी को ही हो. अगली पीढ़ी ने उस ‘छुअन’ को कभी महसूसा ही नहीं है, तो उसे इसका अभाव खलेगा भी कैसे? खले भले ही नहीं, पर वंचित तो वह रहेगी इस अनुभव से.

कुलपति उवाच

स्वाभाविक कर्म

के.एम. मुनशी

संदेश

नव वर्ष की शुभकामनाएं

सुरेंद्रलाल जी. मेहता

एच.एन. दस्तूर

पहली सीढ़ी

एक खत

अमृता प्रीतम

आवरण-कथा

मेघदूत का पत्र यक्ष के नाम

सुरेश ऋतुपर्ण

साहित्य की स्थाई सम्पत्ति हैं पत्र

पं. रामशंकर द्विवेदी

वे दिन! वे खत! वे बातें!

पुष्पा भारती

‘पत्रकथा’ के आगाज़ की कहानी

धनंजय वर्मा

खत को तार समझना

रमेश नैयर

मेघदूत से व्हाट्स अप तक…

डॉ. पुष्प कुमार शर्मा

अपने पत्रों में प्रतिबिम्बित सम्पादक

डॉ. ए.एल. श्रीवास्तव

मन की बात कहने का माध्यम

रमेश थानवी

पत्र-व्यंग्य

महात्मा गांधी को चिट्ठी पहुंचे

हरिशंकर परसाई

भूतपूर्व प्रेमिकाओं को पत्र

शरद जोशी

एक प्रेम-पत्र

प्रेम जनमेजय

पत्र-साहित्य

अंतरालों का अन्वेषक रिल्के

राजी सेठ

गालिब कविता न भी करते तो
अपने पत्रों से अमर हो जाते

अर्श मलसियानी

‘फ़िराक साहिब से ये खत…

मुहम्मद तुफैल

ललित-पत्र

पत्र इंटेलेक्चुअल भैया के नाम…

विद्यानिवास मिश्र

पत्र

दिनकर

शिवमंगलसिंह ‘सुमन’

रेणु

मुक्तिबोध

अमृतलाल नागर

अज्ञेय

मन्नू भण्डारी

बिज्जी

रवींद्रनाथ ठाकुर

जगदीशचंद्र बसु

चाऊ एन लाइ और जवाहरलाल नेहरू  के पत्र

जवाहरलाल नेहरू

राजेंद्र प्रसाद

अब्राहम लिंकन

घनश्यामदास बिड़ला

हिटलर के नाम गांधी के पत्र

गांधी और के.एम. मुनशी के पत्र

विंसेन्ट वान गॉग

हेलन केलर

ऐन फ्रैंक

भगत सिंह

रामप्रसाद बिस्मिल / अश़फाक

गणेशशंकर विद्यार्थी

दुनिया के छह सर्वाधिक पढ़े गये पत्र

रेहाना जब्बारी

पत्र-कथा

स्त्रीर पत्र

रवींद्रनाथ ठाकुर

अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी

सुधा अरोड़ा

चिड़िया जैसी मां

सूर्यबाला

कविताएं

डाक बाबू 

अनिल अत्रि

मनिआर्डर

किरण अग्रवाल

अनलिखे पत्र का गीत

वीर सक्सेना

मासूम-सा खत

कन्हैयालाल ‘नंदन’

बौछार

गुलज़ार

समाचार

भवन समाचार

 

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