अप्रैल 2019

कुलपति उवाच 

03     राष्ट्रीय स्वाभिमान

       के.एम. मुनशी

अध्यक्षीय

05     हीरा या धूल

       सुरेंद्रलाल जी. मेहता

पहली सीढ़ी

11     प्रार्थना

       धर्मवीर भारती  

आवरण-कथा

12     बलिदान के सौ साल

       सम्पादकीय

14     ब्रिटिश राज के अंत का निर्णायक दिन

       रमेश नैयर

20     यह हुआ था जलियांवाला बाग में!

26     जनतंत्र में इसके लिए कोई स्थान नहीं!

       पार्थो चटर्जी

29     `ब्रिटिश साम्राज्यवाद का नाश हो’

       ऊधम सिंह

32     पगलाया साम्राज्यवाद

       लाला लाजपतराय

35     `नहीं चाहिए यह सर की उपाधि’

       रवींद्रनाथ ठाकुर

व्यंग्य

126    क्या लिखें, किस पर लिखें?

       शरद जोशी

शब्द-सम्पदा

138    क्या हैं गुड़ी पड़वा और नवसंवत्सर

       अजित वडनेरकर

आलेख 

44     सम्मान की स्वीकृति

       विद्यानिवास मिश्र

50     अविस्मरणीय नामवर सिंह 

       गंगा प्रसाद विमल 

56     उन्हें गाऊंज माऊंज पसंद नहीं था

       काशीनाथ सिंह

63     सचमुच का घर सपना ही रहा

       नामवर सिंह

65     बापू की विरासत

       नामवर सिंह

70     गांधीजी और मतभेद की कला

       रजनी बक्शी

78     राजत्व की भारतीय अवधारणा और  रामराज्य

       दादूराम शर्मा

84     राम नाम का मर्म है आना

       डॉ. नरेश

87     महावीर का अनेकांतवाद… हमारा लोकतंत्र

       आचार्य महाप्रज्ञ

91     कर्तव्य क्या है

       स्वामी विवेकानंद

115    पंजेवाला मेढ़क

       परशुराम शुक्ल

120    जो बीत गया सो बीत गया

       श्रीप्रकाश शर्मा

132    कथा एक दलित ब्राह्मण की!

136    किताबें

कथा

39     दादा जी का बंगला उर्फ फैमिली ट्री 

       पाम सिंह

74     परागा क्यों हंसी

       कृष्णा श्रीवास्तव

98     तपिश

       विमला मल्होत्रा

130    वह देवता प्राण है

कविताएं

36     तीन प्रतिबंधित कविताएं

       नानक सिंह

38     जलियांवाला बाग में बसंत 

       सुभद्रा कुमारी चौहान

68     नामवर सिंह की कविताएं

86     दो गज़लें

       कैलाश सेंगर

119    श्री राधा

       रमाकांत रथ

समाचार

140    भवन समाचार

144    संस्कृति समाचार

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