मैं जोहिला – प्रतिभू बनर्जी

`नर्मदा‘ व `सोन या शोणभद्र‘ के अतिरिक्त `जोहिला‘ वह तीसरी महत्त्वपूर्ण नदी है, जो मध्य भारत के मेकल पर्वतश्रेणी स्थित अमरकंटक पहाड़ के पठार से निकली है. पुराणों में जोहिला को ज्योतिरथा के नाम से भी पुकारा गया है.  पुरातन…

फरवरी 2017

कुलपति उवाच  03     तब बुद्धि का बल बढ़ता है        के.एम. मुनशी अध्यक्षीय 04     अवसाद पर नियंत्रण        सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी 11     प्रार्थना        लुइस कने आवरण-कथा 12     विज्ञान और हम        सम्पादकीय 14     ताकि विज्ञान विश्व-दृष्टि निर्मित…

जनवरी 2017

कुलपति उवाच  03     राष्ट्रीयता        के.एम. मुनशी संदेश 04     सुरेंद्रलाल जी. मेहता 05     होमी दस्तूर पहली सीढ़ी 11     आओ फिर नज़्म कहें        गुलज़ार आवरण-कथा 12     नयी सदी में साहित्य        सम्पादकीय 14     मनुष्य का विश्वसनीय सहचर है…        अशोक…

मार्च 2017

कुलपति उवाच  03             स्वभाव की महिमा                 के.एम. मुनशी अध्यक्षीय 04             संस्कृत महत्त्वपूर्ण क्यों है                 सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी 11             अपनी आवाज़                 मेरी ओलिवर आवरण-कथा 12             नारी तुम केवल श्रद्धा हो…                 सम्पादकीय 14             सवाल बराबरी के…

अप्रैल 2017

कुलपति उवाच 03  विवेक का बल    के.एम. मुनशी अध्यक्षीय 04  शिक्षा    सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी 11 मेरा सम्बल    हरिवंशराय बच्चन आवरण-कथा 12 सत्याग्रह के सौ साल    सम्पादकीय 14 चम्पारण में हुई थी वैकल्पिक…    अरविंद…

जुलाई 2017

कुलपति उवाच  03   आत्मसाक्षात्कार की घड़ी      के.एम. मुनशी अध्यक्षीय 04   शैव सिद्धांत -1      सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी 11   इसलिए कविता      सीताकांत महापात्र आवरण-कथा 12   चुनौती अंत्योदय की      सम्पादकीय 14   आगे-पीछे नहीं, साथ-साथ       चलने का…