अगस्त 2018

कुलपति उवाच  धर्म की संकल्पना के.एम. मुनशी अध्यक्षीय एक सत्य और कई अवधारणाएं सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी लाओ अपना हाथ भवानीप्रसाद मिश्र आवरण-कथा सम्पादकीय स्वतंत्रता, समता, न्याय का स्वर्ग बने भारत रामशरण जोशी स्वतंत्रता बनाम अराजकता गंगा प्रसाद विमल…

जुलाई 2018

कुलपति उवाच  रूढ़ियों के कार्य के.एम. मुनशी अध्यक्षीय क्या पाने के प्रयास में लगा रहता है मनुष्य? सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी खुदा खामोश है निदा फाज़ली   आवरण-कथा इसलिए साहित्य सम्पादकीय साहित्य के सरोकार अशोक वाजपेयी … या तुम समय…

नवंबर 2018

कुलपति उवाच  तितिक्षा के.एम. मुनशी अध्यक्षीय बच्चा प्यार और प्रोत्साहन चाहता है सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी आंचल का दीप रवींद्रनाथ टैगोर आवरण-कथा ज्योति से ज्योति जले सम्पादकीय विश्व-वेदना में तप प्रतिपल रमेश दवे  अंधेरे से उजाले की ओर कैलाशचंद्र…

अप्रैल 2018

कुलपति उवाच  ईश्वर-पद तक चढ़ना है के.एम. मुनशी अध्यक्षीय `तत्वमसि’ सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी शाश्वत जीवन के लिए संत फ्रांसिस आवरण-कथा समरस समाज के लिए सम्पादकीय असली शोकांतिका न्यायमूर्ति चंद्रशेखर धर्माधिकारी घर से होता है समरसता का संचार रमेश…

दिसम्बर 2018

कुलपति उवाच  धर्म का वाहन है शब्द के.एम. मुनशी अध्यक्षीय मन की शक्ति सुरेंद्रलाल जी. मेहता पहली सीढ़ी आशाएं  सर्गेई येसेनिन आवरण-कथा बाज़ार की संस्कृति सम्पादकीय यह विराट-विकराल बाज़ार प्रियदर्शन  बाज़ार की संस्कृति और हम जितेंद्र भाटिया बाज़ार की संस्कृति…

जनवरी 2018

कुलपति उवाच  आत्म-विजय का उपदेश के.एम. मुनशी संदेश सुरेंद्रलाल जी. मेहता होमी दस्तूर पहली सीढ़ी ओ मेरे मन रवींद्रनाथ ठाकुर आवरण-कथा भारतीयता का साहित्य सम्पादकीय साहित्य में भारतीयता रमेशचंद्र शाह साहित्य में भारतीयता संस्कृति की तरह  रमेश दवे भारतीय चिंतन…